तलाक़ पर हस्ताक्षर किए, अब वह घुटने टेककर भीख माँग रहा है

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अध्याय 83

मैं हँस पड़ी और पूछा, “तो तुम्हें अब भी लगता है कि अमेलिया अच्छी इंसान है?”

लिलियाना के पास कुछ कहने को नहीं था। वह दो-तीन बार खाँसी और बोली, “वो तो बस एक हादसा था। आखिर हम बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। इतने सालों से मैं उसे देख ही नहीं पाई थी। मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि वो इतनी दोमुंही निकलेग...

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